thaken views&news

Just another Jagranjunction Blogs weblog

35 Posts

32 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15726 postid : 628418

HINDI KAVITA KATORA HAATH MEIN LEKAR

Posted On: 18 Oct, 2013 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कविता
कटोरा हाथ में लेकर
जग मोहन ठाकन
जल रही हैं युवतियां , तंदूरी खानों में
भेद कुछ दिखता नहीं ” इंसा ” स्वानों में ।
”बाणा सफेद वो लेकर ,धंधा काला करते हैं
कन्या ”षोडशी चाहिए उन्हें हर बार नजरानों में।
खाकर ”पाशिवक चारा बने सिरमौर बैठे हैं
कैसे उनको ना गिनंू शैतान हैवानों में ?
कटोरा हाथ में लेकर फक्र महसूस करते हैं
गैरत कहां बची है मेरे देश के हुक्मरानों में ?
गारन्टी फूड कवर में ,मिठठी चूसनी देकर
बनाकर मूर्ख जनता को , लिखाते नाम सयानों में ।
स्थायी पता पूछते हैं , बताउं कौन सा ”ठाकन
उम्र गुजार दी सारी , किराये के मकानों में ।
जग मोहन ठाकन ,114, गी्रन पार्क ,हिसार , हरियाणा ।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (7 votes, average: 4.43 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakbijnory के द्वारा
October 18, 2013

सुंदर प्रस्तुति वाह


topic of the week



latest from jagran